जो भी बुरा भला है अल्लाह जानता है
Lyrics: Akhtar
Singer: Jagjit Singh, Lata Mangeshkar
जो भी बुरा भला है अल्लाह जानता है,
बंदे के दिल में क्या है अल्लाह जानता है।
ये फर्श-ओ-अर्श क्या है अल्लाह जानता है,
पर्दों में क्या छिपा है अल्लाह जानता है।
जाकर जहाँ से कोई वापस नहीं है आता,
वो कौन सी जगह है अल्लाह जानता है
नेक़ी-बदी को अपने कितना ही तू छिपाए,
अल्लाह को पता है अल्लाह जानता है।
ये धूप-छाँव देखो ये सुबह-शाम देखो
सब क्यों ये हो रहा है अल्लाह जानता है।
क़िस्मत के नाम को तो सब जानते हैं लेकिन
क़िस्मत में क्या लिखा है अल्लाह जानता है।
–
अर्श = Roof
Download Free Jagjit Singh Ghazals Lyrics in Hindi, Pankaj Udhas Ghals, Free Lyric Search, Other Singers Ghals & Lyrics, Find Lyrics, Lyris to a Song.
Blog Archive
-
▼
2010
(14)
-
▼
March
(14)
- शोला हूँ भड़कने की गुजारिश नहीं करता,
- देने वाले मुझे मौजों की रवानी देदे,
- ग़म का खजाना तेरा भी है मेरा भी
- चराग़-ओ-आफ़ताब ग़ुम
- दिल-ए-नादान तुझे हुआ क्या है
- नज़र नज़र से मिलाकर शराब पीते हैं
- जो भी बुरा भला है अल्लाह जानता है
- ये दौलत भी ले लो, ये शोहरत भी ले लो
- उनके देखे से जो आ जाती है मुँह पे रौनक
- बाज़ीचा-ए-अतफ़ाल है दुनिया है मेरे आगे Lyrics: ...
- प्यार का पहला ख़त लिखने में वक़्त तो लगता है Lyr...
- अपने हाथों की लकीरों में बसा ले मुझको Lyricist: ...
- बात साक़ी की न टाली जाएगी Lyricist: Habib Jaleel...
- बोल रहा था कल वो मुझसे हाथ में मेरा हाथ लिए Lyri...
-
▼
March
(14)
Friday, March 26, 2010
Subscribe to:
Post Comments (Atom)
No comments:
Post a Comment